₹500 और ₹1000 के नोट पर बैन पर देशवासी की राय: देशहित में मोदी का एक और फैसला

बदलाव का विरोध कहा नहीं होता है , लेकिन बदलाव का विरोध वही करते हैं जिनको लगता है कि या तो इस बदलाव से उनका नुकसान है या फिर वो इस बदलाव को स्वीकार नहीं करना चाहते |

बात हो रही है आज के ऐतिहासिक कदम की जिसमे 500 और 1000 के नोट को 8 नवम्बर की रात से ही बैन कर दिया गया है , जहाँ देशवासियो ने इसका खुल कर स्वागत किया है वही कुछ राजनीतिक दलों ने इसका जोरदार विरोध भी किया है|

देशवासियों के लिए ये बहुत ख़ुशी की बात है कि जिनके पास बोरे , बिस्तरों और दीवारों में नोट छुपे होंगे और पूरा काला का काला ही होगा वो देश के सामने आएगा वही जिन्होंने काला धन दबा के रखा है उनको हार्ट अटैक भी आ सकता है ।

रही राजनीतिक दलों की बात तो कांग्रेस ने ऊपरी मन से इसको समर्थन तो दे ही दिया है लेकिन सलमान खुर्शीद का बयान ही बताता है की कांग्रेस ने कितने मन से इसका समर्थन किया है, वही तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने इसका जोरदार विरोध किया है , मायने बिलकुल साफ़ हैं, अब भाई विरोध तो वही करेगा न जिसका इससे नुक्सान होगा , तो साफ़ है की उनके पास कुछ “दाल का काला” जरूर छुपा है ।

जाहिर है की इससे जनता को थोड़ी दिक्कत होगी, बदलाव से किसे दिक्कत नहीं होती, अब नए जगह ढलने में थोड़ा वक़्त तो लगता है, बदलाव तो एक पैदा हुवे बच्चे को भी सहन करना पड़ता है जब वो पेट से निकल कर बाहर आता है तो इंसान तो इतना बड़ा हो गया है वो बदलाव से क्यों डरे|

आखिर कोई कितना इंतज़ार करे काला धन शांति से बाहर निकालने का, कितने मौके दिए गए और मेरी मानिये ये कोई आज का फैसला नहीं है, ये सब उसी समय तय हो गया होगा जब “काले धन पे एसआईटी” बनी थी, आखिर हर चीज एक नियम और स्टेप बाई स्टेप होता है ।

सबसे कहा गया कि “जन धन योजना” में खाता खुलवा लो , बहुतों बोला क्या फालतू काम कर रहे हैं इससे देश का क्या भला होगा, फिर “स्कीम्स आई कि अपना काला धन डिक्लेअर” कर दो, कुछ नियम थे जो मानने थे, उसपे भी बहुतो ने कहा की ये तो इनकम बढ़ाने का तरीका मात्र है, उसपे भी नहीं माने, उन्हें आगाह किया गया की अगर आपके पास काला धन है तो आपको दिक्कत होना तय है फिर भी लोगों को लगा कि ये चाय वाला क्या करेगा, सब इसका कारण पूछते ही रह गए और जवाब आया तो ” 500 और 1000 के नोट को बैन करने के रूप में “

सही मायने में ये देश हित का फैसला है, असल फायदा इसका गरीबो और मिडिल क्लास के लोगो को होगा, जिनको पूरा पता है की वो टैक्स भी देते हैं और उनके पास छुपाने के लिए भी कुछ नहीं है, और सबसे बड़ा नुक्सान होगा जो कॉरपोटर्स, बड़े बिज़नस मैन और नेता हैं जो दलाली का काम करते हैं, बिना हवाला और काले धन के जिनका काम ही नहीं चलता , जिन्होंने अपने गद्दों और दीवारों में , सोफे और बोरियो में सारा काला धन ठूस के भर रखा है , उनके पास रास्ता ही क्या है, या तो वो बैंक में जमा कराएँगे या फिर भूल जायेंगे की उनके पास कुछ है भी|

सबकुछ एकदम व्यवस्थित और बहुत ही गुप्त तरीके से किया गया है, अब उर्जित आर पटेल ने कहा की नए नोट कुछ छाप भी चुके हैं और बैंको में पहुच भी चुके हैं, आज ऐसा कैसे हुवा की जिन एटीएम में १०० का नोट सबसे पहले ख़तम हो जाता है उनमे रात तक लोग 100 का नोट निकल रहे हैं? बैंक के एम्प्लोयी को भी कानो कान खबर नहीं कि कौन से नोट बंद होंगे और कौन से नए नोट आये हैं?

अब लोग कुछ भी कहे कि ” बेस्ट डिसिशन इन अनप्लान  वे” लेकिन दरअसल ये बहुत ही सधा हुवा और वेल प्लांड डिसिशन है जिसमे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया और वित्त मंत्रालय से ले कर पीएमओ तक की सहभागिता रही है और इतनी बेहतरीन कुशलता से इस काम को अंजाम दिया गया है कि बहुत राजनीतिक पहुच वाले लोगों को भी इसकी भनक न लग सकी ।

कोई कितना भी विरोध कर ले, असल में मोदी सरकार जबसे आई है देश के लिए बहुत कुछ किया है, अब काले धन की ही बात की जाये तो एस आई टी बनाने से ले कर जन धन योजना , ब्लैक मनी एक्ट, ब्लैक मनी डिस्क्लोजर स्कीम, फेमा एक्ट में संसोधन , एनजीओ के विदेशी चंदो पर लगाम, कश्मीर के साधारण अकॉउण्टों  में आये गलत पैसो की जांच इत्यादि इत्यादि ।

खैर पुराने 500 और 1000 के नोट बैन करने से ऐसे देश को तो फायदा है ही उत्तर प्रदेश के चुनाव में जो टिकट  की दलाली करने वाली पार्टिया हैं और पैसे दबा के रख लेती हैं उनका सबसे ज्यादा नुकसान होगा, जब एक टिकेट बिकेगा नहीं तो चुनाव प्रचार के लिए पैसा कहा से उठाएंगे, आखिर हर उस नोट एक्सचेंज का हिसाब जो रखा जायेगा कि किसने किया, कितना किया, किसके खाते में बैन के बाद कितना पैसा जमा हुवा और किस डेनोमिनेशन में जमा हुवा, अगर ऑनलाइन भी पैसे ट्रांसफर हुवे टिकेट खरीदने के लिए तो बैंक के पास तो वैसे ही सब डिटेल चली जाएगी , अब दलालो का मुह काला होने के अलावा कोई रास्ता नहीं है, उम्मीद करते हैं की अब काले धन पर लगाम और कस जाएगी , साथ ही साथ ये आतंकवाद से भी लड़ने में काम आएगा क्योकि हमारे यहाँ नकली करेंसी भी भेजी जाती है बाहर से।

वैसे मोदी के भाषण की कुछ महत्वपूर्ण बाते यहाँ हैं जो आपको अवस्य जाननी चाहिए –

1- 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट, 10 नवम्बर से लेकर 30 दिसम्बर 2016 तक अपने बैंक या डाक घर (पोस्ट ऑफिस) के खाते में बिना किसी सीमा के जमा करवा सकते हैं।

2- आपके पास लगभग 50 दिनों का समय है। अतः नोट जमा करने के लिए आपको अफरा तफरी करने की आवश्यकता नहीं है।

3- आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।

4- 500 रुपये या 1,000 रुपये के पुराने नोटों को खाते में डाल कर आप अपनी जरूरत के अनुसार फिर से निकाल सकते हैं।

5- केवल शुरू के दिनों में खाते से धनराशि निकालने पर प्रति दिन दस हज़ार रुपये और प्रति सप्ताह बीस हज़ार रुपये की सीमा तय की गई है। ऐसा नए नोटों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस सीमा में आने वाले दिनों में वृद्धि कर दी जायेगी।

6- खाते में जमा करने की सुविधा के साथ साथ एक दूसरी सुविधा भी दी जा रही है।

7- तत्काल आवश्यकता के लिए 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को नए एवं मान्य नोट के साथ 10 नवम्बर से 30 दिसम्बर तक आप किसी भी बैंक या प्रमुख और उप डाकघर (हेड पोस्ट ऑफिस और सब-पोस्ट पोस्ट ऑफिस) के काउंटर से अपना पहचान पत्र जैसे की आधार कार्ड, मतदाता यानी वोटर कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड इत्यादि सबूत के रूप में पेश करके आप नोट बदल सकते हैं।

8- प्रारम्भ में 10 नवम्बर से 24 नवम्बर तक चार हज़ार रुपये तक के पुराने 500 एवं 1,000 रुपये के नोट बदले जा सकते हैं। 15 दिनों के बाद यानी 25 नवम्बर से चार हज़ार रुपये की सीमा में वृद्धि कर दी जाएगी।

9- ऐसे लोग जो इस समय सीमा के अन्दर अर्थात 30 दिसम्बर 2016 तक पुराने नोट किसी कारणवस जमा नहीं कर पाए, उनको 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बदलने का एक आखिरी अवसर दिया जाएगा।

10- ऐसे लोग रिज़र्व बैंक के नर्धिारित ऑफिस में अपनी राशि एक घोषणा पत्र यानी िीू’ं१ं३्रङ्मल्ल फॉर्म के साथ 31 मार्च 2017 तक जमा करवा सकते हैं।

11- 9 नवम्बर और कुछ स्थानों में 10 नवम्बर को भी एटीएम काम नहीं करेंगे। प्रारम्भ में एटीएम से प्रति कार्ड प्रति दिन निकाली जा सकने वाली राशि की सीमा दो हज़ार रुपये रहेगी।

12- फिर उसे कुछ अवधि के बाद बढ़ा कर चार हज़ार रुपये कर दिया जाएगा।

13- वैसे तो 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट आज रात्रि 12 बजे से कानूनी तौर पर ख़त्म हो जायेंगे, परन्तु सामान्य जन-जीवन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से हमने इस प्रक्रिया में शुरू के 72 घंटों में यानी 11 नवम्बर की रात्रि 12 बजे तक नागरिकों के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की है।

14- 11 नवम्बर की रात्रि 12 बजे तक सभी सरकारी अस्पतालों में भुगतान के लिए पुराने 500 या 1,000 रुपये के नोट स्वीकार किये जायेंगे।

15- इस से वैसे परिवार जिनमे कोई बीमार है उन्हें उपचार में कोई बाधा न आये।

16- ऐसे सरकारी अस्पतालों में यदि दवा के दुकान की व्यवस्था है तो डॉक्टर के दिए गए पर्चे पर 500 और हज़ार के पुराने नोटों से दवा खरीदने की सुविधा भी 72 घंटे तक उपलब्ध रहेगी।

17- ऐसे ही 11 नवम्बर की रात्रि 12 बजे तक, रेलवे के टिकट बुकिंग काउंटर, सरकारी बसों के टिकट बुकिंग काउंटर और हवाई अड्डों पर एयरलाइन्स के टिकट बुकिंग काउंटर पर केवल टिकट खरीदने के लिए पुराने नोट अर्थात 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी। ऐसा हमने उन परिवारों की जरूरतों को देखते हुए किया है जो इस समय यात्रा कर रहे होंगे।

18- केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा प्रमाणित कोआपरेटिव की दिनचर्या की वस्तुओं की दूकान (जैसे केंद्रीय भंडार, सफल) और दुग्ध वक्रिय केन्द्रों (मल्कि पार्लर) में भी 11 नवम्बर की रात 12 बजे तक पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी। इस दौरान इन संस्थानों को प्रतिदिन अपने स्टॉक और बक्रिी की सुचना रजस्टिर में रखनी होगी।

19- सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक सेक्टर) के पेट्रोल और उठॅ गैस स्टेशन (रिटेल आउटलेट्स) पर पेट्रोल, डीजल और उठॅ गैस की बक्रिी के लिए भी 11 नवम्बर की रात 12 बजे तक पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी। इस दौरान प्रतिदिन अपने स्टॉक और बक्रिी की सुचना रजस्टिर में रखनी होगी।

20- शवदाह गृह/ क्रेमाटोरियम जैसी जगहों पर भी 11 नवम्बर की रात 12 बजे तक पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी।

21- अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेश से आ रहे या विदेश को जा रहे लोगों को अगर उनके पास पुराने 500 और 1,000 के नोट हैं तो ऐसे नोटों की 5,000 रुपये तक की राशि को नई एवं मान्य करेंसी नोटों से बदलने की सुविधा दी जायेगी।

22- अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेशी मुद्रा या 5,000 रुपये तक के पुराने नोटों को नई एवं मान्य करेंसी नोटों से बदलने की सुविधा दी जायेगी।

23- इन सारी सुविधाओं के अलावा मैं यह स्पष्ट करना चाहूँगा की इस पूरी प्रक्रिया में नॉन-कैश लेन देन में यानी चेक से पेमेंट, डिमांड ड्राफ्ट से पेमेंट, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट अथवा इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर में कोई रुकावट नहीं आएगी। ये कारोबार जैसा पहले चलता था वैसा ही चलता रहेगा।

नए नोट का प्रारूप कुछ ऐसा होगा-

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