Law and constitution

संविधान का 119वां संशोधन : बांग्लादेश सीमा समझौते की ओर एक कदम

बांग्लादेश देश के साथ 41 साल पुराना भारत-बांग्लादेश सीमा मामले के समाधान के लिए ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हुआ। यह संसोधन संविधान का 119वां संशोधन है।

screenshot-twitter com 2015-05-08 14-21-06

संविधान (119 वां संशोधन) विधेयक उस समझौते को प्रभाव में लाने के लिए किया गया है जो16 मई 1974 को भारत और बांग्लादेश द्वारा बीच  जमीन के हस्तांतरण पर हुवा था । यह संशोधन भारतीय संविधान में प्रथम अनुसूची में किया गया है जो हमारे देश के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशो के बारे में है ।
भारत-बांग्लादेश करार 1974 में हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन इसमें क्षेत्र के हस्तांतरण के शामिल होने की पुष्टि नहीं की गई थी। इसलिए, विधेयक पेश किया गया है। संविधान की पहली अनुसूची में असम, पश्चिम बंगाल, मेघालय, त्रिपुरा के प्रदेशों से संबंधित अनुच्छेदों में संशोधन किया गया है ।

भारत-बांग्लादेश समझौते’ की परिभाषा: विधेयक 16 मई 1974 को हस्ताक्षर किए गए भारत-बांग्लादेश समझौते के अनुसार  भूमि सीमाओं के सीमांकन को दर्शाता है । इस समझौते में कुछ बदलाव भी किये गए जो बाद में पत्रों के आदान प्रदान और  6 सितम्बर २०११ के एक प्रोटोकॉल के द्वारा हुवा ।

क्षेत्रों का हस्तांतरण : शामिल क्षेत्र असम, पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों में हैं। इसमें वो क्षेत्र शामिल हैं जो दूसरे देश के क्षेत्र से पूरी तरह घिरे हुवे हैं ।  इन राज्यों के वो क्षेत्र जो इस समझौते के अंतर्गत आते हैं वो इस लिंक में हैं | http://www.prsindia.org/uploads/media/Constitution%20119/Constitution%20%28119th%29%20Bill,%202013.pdf

भारत के पडोसी व अन्य देशों के साथ रिश्ते सुधरने के कार्यक्रम को नई सरकार ने जो बल प्रदान किया है उसको देख के लगता है कि वो दिन अब दूर नहीं जब भारत, एशिया की एक महाशक्ति हो कर उभरेगा और ये उपमहाद्वीप दुनिया का एक महत्वपूर्ण केंद्र जाना जायेगा । बीजेपी अपने 1 साल के कार्यकाल में जिस तरह पडोसी देशो के साथ रिश्ते सुधारने का प्रयास कर रही है वो हमारी  पुरानी छवि को बदलने में कारगर रही है  या यूं कहें की कुछ हद तक मोदी सरकार बदलने में कामयाब हुयी है ।

screenshot-twitter com 2015-05-08 14-20-14 screenshot-twitter com 2015-05-08 14-20-39

विपक्ष के समर्थन और मोदी सरकार के सराहनीय कार्य के बदौलत दोनों देशो की बीच सम्बन्ध और घनिष्ट होने की उम्मीद है। उम्मीद करते हैं देश ऐसे ही प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता जायेगा ।

जय हिन्द

(630) Views

Facebooktwitterredditpinterest

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*