भगाना के दलित परिवार (जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया) को खुला पत्र

हरियाणा में भगाना के दलित परिवारों के धर्म परिवर्तन के बारे में सुना, सुनकर बहुत अफ़सोस हुवा, सहायता की आड़ में धर्म परिवर्तन का ये जो धंधा चल रहा है इसके सामने होते हुवे भी कोई करवाई नहीं हो रही है । चुकी उनको ये सन्देश देना आवश्यक है तो उनके लिए एक खुला पत्र है ।

प्रिय धर्म परिवर्तित लोग

चुकि “धर्म परिवर्तन” शब्द का इतना प्रभाव रहा है पिछले कुछ दिनों में कि लोग ये समझते हैं कि ये तो बहुत बड़ा मुद्दा है जिससे सब हमारी सहायता करने के लिए दौड़े चले आएंगे, अब ऐसी अवस्था हो गई है कि लोग धर्म परिवर्तन तक की धमकी दे रहे हैं कि हमारी सुनो नहीं तो हम धर्म परिवर्तन कर लेंगे । तुम्हारी इन धमकियों का ऐसा कोई असर नहीं होने वाला, अरे तुम अपने पुरखो के न हो सके, अपने धर्म के न हो सके तो समाज के क्या होगे , कौन जायेगा तुम्हारी मदद करने ।

उनका कहना है कि जब किसी ने नहीं सुनी तो इस्लाम कुबूल किया, मै पूछता हूँ अब कौन सुन रहा है । तुमने सोचा कि अब तो धर्म परिवर्तन की धमकी दे दिया है , अब तो धर्म भी परिवर्तित कर लिया , अब तो विश्व हिन्दू परिषद , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ , बजरंग दल हस्तक्षेप करेंगे , तुमको पब्लिसिटी भी मिलेगी, हक़ भी मिलेगा और लोग तुम्हारी बात भी सुनेंगे , अरे तुम्हारी बात कोई क्या सुनेगा जो तुम खुद इतने कायर निकलोगे ।

उम्मीद करता हूँ तुम्हारी समस्या धर्म परिवर्तन के बाद समाप्त हो गई होगी , तुम्हारे पास ढेर सारी जमीन हो गई होगी , आलिशान बंगले होंगे, समाज में इज्जत होगी , लोग तुम्हारे चरण छू रहे होंगे, कही जाओगे तो लोग तुम्हारे लिए आसान मंगवाएंगे कि, ” अरे देखो भगाना वाले साहेब आये हैं, अरे वही जो धरम बदले हैं, लाओ सोफे ले के आओ रे, पैर छू साहेब का ”

बताओ भाई हो गई समस्या हल या अभी भी धरना दे रहे हो, और अगर समस्या हल नहीं हुई तो जा के धरो उसको जो तुम्हारी समस्या के समाधान के नाम पर धरम बदलवाया है । अरे डूब मरो जो अपने पुरखो का नाम भी डुबा दिए, क्या मिला तुम्हे, नया नाम , नया मजहब , नई टोपी , नई मस्जिद और नए अंग, और क्या क्या नया मिला , मिली इज्जत , दबंगो से छुटकारा मिला , जमीन मिल गई , तुम्हारे इस धर्म परिवर्तन की आड़ में लोग अपना मतलब सिद्ध कर रहे हैं, किसे फर्क पड़ता है , जाओ तुम कुछ भी करो , कोई नहीं जायेगा तुम्हारी मदद करने”

अब जिसने तुमको धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया क्या उसने उनके लिए जमीन पैदा कर दी है या उनको सम्मान दिला दिया है, अपना सम्मान खुद पाना पड़ता है, तुम्हारा धर्म बदलना तुम्हे सम्मान दिलाएगा, अब तो तुम धोबी के कुत्ते हो गए हो, उधर मुजाहिर टाइप कहे जाओगे इधर भगोड़े, अब कहा से सम्मान पाओगे, क्या सोचते हो धर्म परिवर्तन का मुद्दा इतने गंभीरता से उठा था तो लोग तुम्हारे पास हाथ जोड़ने जायेंगे कि न बदलो धर्म, वापस आ जाओ , हम मदद करेंगे तुम्हारी । कोई नहीं जायेगा तुम्हारे पास , ४ साल से धरना दे रहे हो न , सुनी किसी ने, उम्मीद है उतने ही दिनों से कोई तुम्हारे कान भी भर रहा होगा ,” क्या मिला तुम्हे इस धर्म से, शोषण और अपमान, धर्म बदल लो हम दिलाएंगे तुम्हे समाज में इज्जत, हम दिलाएंगे तुम्हे तुम्हारी जमीन , दंबंगो से मुक्ति ।” अरे उनका तो खुद का कोई पता ठिकाना नहीं होता, उनका तो इतिहास ही कहता कि अपनों को धोखा दो, बाप भाई को मार के राज करो, उनकी बिरादरी में इज्जत पाओगे तुम, वो तो खुद सिया सुन्नी किये पड़े हैं, वो क्या दिलाएंगे तुम्हे इज्जत , अपने हक़ के लिए लड़ना सीखो, अब तो तुम भगोड़े के सिवा कुछ भी नहीं कहलाओगे ।

तुम क्या ये उन सभी लोगों को एक सन्देश है जो ये धमकी देते हैं कि हमारी मदद करो नहीं तो हम धर्म परिवर्तन कर लेंगे , अरे कर लो, कौन डरता है ऐसी धमकियों से, लेकिन उससे अगर तुम्हारी समस्याएं हल नहीं होती तो तुम्हारी हालत कुत्ते जैसी होगी, जो न इधर का होगा और न ही उधर का ।

जय श्री राम

एक हिन्दू

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