National Security Opinion

देश द्रोहियों, गद्दारों सावधान

आतंकवादी केवल वो नहीं जो दुसरो को मार रहे हैं , आतंकवादी केवल वो नहीं जो सेना की पोस्ट पर हमला कर रहे हैं और लोगों को नुक्सान पंहुचा रहे हैं, जिहाद फैला रहे हैं , लोगों में भय पैदा कर रहे हैं आतंकवादी वो भी हैं जो इनको सपोर्ट कर रहे हैं , जो इनकी सजा का विरोध कर रहे हैं ।

याकूब मेमन की फांसी को लेकर इतना बवाल मचेगा , एक आतंकवादी , एक गुनहगार की फांसी का इतना विरोध होगा एक देशभक्त ने कभी नहीं सोचा होगा वो भी तब जब उसकी सजा देश के सर्वोच्च न्यायलय के द्वारा साबित हो गई हो । जो लोग विरोध कर रहे हैं या तो उनको देश के कानून और न्याय पालिका पर भरोषा नहीं या तो वो सर्वोच्च न्यायलय का अपमान कर रहे हैं ।

एक अपराधी , जिसने मुंबई के सैकड़ो लोगों को मारने में मदद की है , सैकड़ो लोगों को घायल किया है, उसे मिल रही फ़ासी का विरोध क्यों ??? बॉलीवुड के अंडरवर्ल्ड के साथ रिश्ते तो जगजाहिर हैं , उनके पैसो से फिल्मे बनाने वाले , उसे हिट करवाने वाले , उनके साथ घूमने फिरने वाले और सबसे ज्यादा उनसे डरकर साथ देने वाले जितने भी लोग याकूब मेमन की फ़ासी का विरोध कर रहे हैं वो सभी अपराधी की केटेगरी में आते हैं । सबके खिलाफ केस दर्ज हो , सबसे पूछा जाये कि आखिर क्यों वो उसे फ़ासी से बचाना चाहते हैं ?? क्या कोई रिश्ता है , क्या कभी उसका कोई एहसान रह गया है जो उतार रहे हैं , क्या कभी पैसा लिया , कभी पहुंच का इस्तेमाल किया , कभी जेल से छुड़वाया उसने , या किसी सजा से बचाया ?? आखिर क्या कारण है जो इतने लोग एक अपराधी के फ़ासी का विरोध कर रहे हैं ???

असद्दुदीन ओवैसी , हैदराबाद का एक मुसलमान नेता जो ये कहता है क़ि याकूब मेमन को धर्म के आधार पे फ़ासी दी जा रही है , अबे बेवक़ूफ़ जा के ये देख कि अब तक जितने लोगों को फ़ासी हुई है उसमे से कितने मुसलमान थे ?? ये कहता है कि पोलिटिकल बैकिंग नहीं है याकूब मेमन के पास , ये उसकी फ़ासी का सियासी फायदा नहीं उठा रहा है और ये उसकी फ़ासी को साम्प्रदाइक रूप नहीं दे रहा है , तो तू ये बता कि तू चाहता है याकूब मेमन को पोलिटिकल बैकिंग देना, बोल सुप्रीम कोर्ट से कि साहब इसके पास कोई पोलिटिकल सपोर्ट नहीं है , मै देना चाहता हू जा बोल , जो तू इसे साम्प्रदाइक रूप नहीं देना चाहता , इसका सियासी फायदा नहीं उठाना चाहता तो बोला क्यों , सबसे बड़ा बेवक़ूफ़ तो तू है जो ईसिस , अलकायदा और बाकि आतंकवादी सगठनो को ये नहीं बोल सकता कि बस बहुत हो गया खून खराबा, शांति से जियो और जीने दो , क्यों , यो नहीं बोल सकता ??? क्योकि तेरी फटती है , तुझे डर है कि कहीं तेरे खिलाफ फतवा न जारी कर दिया जाये , कही कोई आतंकवादी मार न दे तुझे , और सबसे बड़ा डर कहीं ये न साबित हो जाये की सारे आतंकवादी मुसलमान ही होते हैं । खैर ये साबित करने की कोई भी जरुरत नहीं और कोई वजह भी नहीं , क्योकि सब जानते हैं और तू भी जानता है कि जितने भी आतंकवादी आते हैं , या मारे जाते हैं वो सारे मुसलमान होते हैं , ये सच है और इसे झुठलाया नहीं जा सकता । मै ईश्वर से प्रार्थना करूँगा कि ऐसा न हो लेकिन तुम्हे इस सच्चाई का एहसास तबतक नहीं होगा जबतक तुम्हारे सामने कोई आतंकवादी तुम्हारे सगे सम्बन्धियों को , तुम्हारे सुभ चिंतकों को मारेगा , तब तुम कहने कि ये ईश्वर के मुसलमान अपने भाई को क्यों मार रहा है ।

कल तक जो याकूब मेमन की फ़ासी का विरोध कर रहे थे , जो हम जैसे लोगों को साम्प्रदाइक कह रहे थे , गुरुदासपुर में आतंकवादी हमले के बाद न जाने किस बिल में छुप गए हैं, शब्द नहीं मिल रहे होंगे न – आखिर किस मुह से कहे कि आतंकवादियों ने हमला कर दिया जो कि मुसलमान थे । ये सलमान खान , शत्रुध्न सिन्हा जैसे लोग अब ये बोलेंगे कि इनको सजा न दो इनके मालिकों को दो जिन्होंने इनको यहाँ भेजा है ये तो बेचारे बेक़सूर हैं भले ही इन्होने इतने लोगों को मारा है, लेकिन पहले उनके मालिकों को सजा दो ।  ऐसे लोग बस आतंकवाद और अपराधियो के दलाल जैसे होते हैं , इन्हे तो ये भी नहीं पता कि किसी का कितना नुक्सान हो जाता है , अरे बेक़सूर तो सलमान खान खुद को बताएगा वो भी लोगों को गाड़ी के नीचे कुचलने के बाद ।
ओ आतंकवाद के दलालों , सावधान हो जाओ।  तुम चाहे खुद को कितना भी देशभक्त दिखाने की कोशिश करो तुम्हारी असलियत ऐसे मौको पर ही उजागर होती है ।

राम जेठमलानी साहब , आप क्यों ऐसा कर रहे हैं , आखिर क्यों माफ़ी दिलवाना चाहते हैं याकूब मेमन को, इतने बड़े वकील हैं , लेकिन ये काम क्यों ???

हाँ, ये हमला एक बड़ी चूक है , हमारे इंटेलिजेंस की , लेकिन वो भी तो इंसान हैं , और देश के अंदर ऐसे देशद्रोही पड़े हैं तो हमारी इंटेलिजेंस कितनो को रोक पायेगी , बहार के दुश्मनो को रोक लेगी लेकिन जब उसके अपने देश के कुछ दुश्मन बन जायेंगे जो पीठ में छुरा भौकेंगे तो किस हद तक इंटेलिजेंस किसी को रोक पायेगी ।

एक तो वैसे ही हमको इतना नायाब पडोसी मिला है जो बहुत ही दोगले किस्म के नेताओं से भरा पड़ा है जिनपे कोई किसी भी तरीके से भरोसा नहीं कर सकता, जो हर वक़्त इसी फिराक में रहता है कि कब मौका मिले और हम भारत पे हमला कर दे या अपने आतंकवादी बच्चों से हमला करवा दें, दुश्मन पैतरे बदल रहा है अब वो वक़्त नहीं कि हम पहल का इंतज़ार करे, अब वक़्त आ गया है शतरंज के कुछ अनोखे पैतरों का , जिससे दुश्मन खेमा ही कई भागों में बंट जाये ।

देश द्रोहियों, गद्दारों सावधान

जय हिन्द

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