Opinion

गरीबी का अर्थ : अभिजीत भट्टाचार्य (एक घटिया सोच वाला गायक)

गरीब होना अभिशाप है ये तो सुना था लेकिन गायक अभिजीत भट्टाचार्य गरीब होने का एक और मतलब बता गये ‘गरीब मतलब कुत्ता’!

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सलमान खान के समर्थन में ऐसी असंवेदनशील भाषा का प्रयोग कर करके अभिजीत जता गये कि वह सलमान के लिए दुम हिलाने में सबसे आगे खड़े हैं।

जनाब से कोई ये पूछे कि सड़क गरीबो के बाप की नही है तो कही ये सड़क सलीम साहब ने या अभिजीत के पिता श्री (नाम कहीं मिला नहीं) ने तो नही बनवाई है? अपने एक गलत बयान पीछे न हटना कितना मुश्किल हो रहा है जो उसके लिए पचासो बात कर रहे हो|

अभिजीत के ट्वीट से ये भी पता चला कि वो एक साल तक बेघर रहे लेकिन सड़क पे नहीं सोये ; सोचो अभिजीत भट्टाचार्य, तुमसे स्वाभिमानी तो वो इंसान है जो किसी के घर में पनाह लेने से सड़क पे सोना ज्यादा अच्छा समझता है, क्या बेघर होकर तुम सड़क पे नहीं थे ?? जिसके पास घर नहीं होता वो सड़क का ही होता है , और एक साल तुम कुत्ते बने रहे तो स्वीकार करो कि तुम भी कुत्ते थे , मरे नहीं वो अलग बात है।

इस घटना पे  मुझे अरशद वारसी का अक डायलाग याद आ रहा है ,”फूटपाथ सोने के लिए नही होती यही कहा था ना आपने, लेकिन राजपाल साहब गाड़ी शराब पीकर फुटपाथ पर चलने के लिए भी नही होती।”

आज अभिजीत ट्वीटर पर बता रहे हैं कि वो बेघर लोगो का मुद्दा उठा रहे हैं, गरीबो के लिए कुछ करना चाहते हैं, अरे अभिजीत साहब आज जब ट्विटर पे देश आपके पीछे पड़ा है तो आप ये भी अपने ही लालच के लिए बोल रहे हैं कि कहीं ये जनता ने मुझे नापसंद कर दिया तो मई फिर से रोड पे आऊंगा और कुत्ता बन जाऊंगा , फिर क्या पता मई भी कुत्ते की मौत मारा गया तो ? गरीबों को छोडिये आप 13 साल पहले हुए सलमान की गाड़ी से हुए हादसे के शिकार अब्दुल ररुफ़ शेख के परिवार के लिए कुछ कर देते आप।

समर्थन का इससे घटिया उदाहरण मैंने आजतक नही देखा, कहते हैं कि संगीत के उपासक साक्षात सरस्वती देवी के उपासक होते हैं और लेकिन उनकी ऐसी अभद्र भाषा ने आज ये भी बता दिया कि सरस्वती की उपासना तो दूर उनकी जबान किसी के लिए भौकने में बहुत माहिर है ।

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One Reply to “गरीबी का अर्थ : अभिजीत भट्टाचार्य (एक घटिया सोच वाला गायक)

  1. Letting emotions control our financial plans might not yield the outcome we hope for in the long-term. “I think of myself as an intelligent, sensitive human being with the soul of a clown, which always forces me to blow it at the most important moments.” Morrison got it right. One of the things that makes us human—the ability to experience complex emotions—can also be our unraveling.All of us have experienced emotion; anxiety, sadness, fear, joy, exuberance, even greed at some point in our lives. Emotions play a role in the decisions we make—with good and, sometimes, not-so-good outcomes. Experiencing fear and running from a mugger in an alley is a good idea. Letting fear, or any number of other emotions, impact our financial decisions too greatly might not be.This is all about a normal human being but i could not understand is it ok to give a bullshit slogan by salman khan of being human , if being human is like Drink and drive and ruining lives of people then its not being its being animal. and abhijit dont forget ever u r also a human bhagwan na kare kavi aisha ho ki tu gaddi me baitha ho aur tere gaddi k upar v kuch chhad jaye dont forget road accident me bahot log marte hai agr kisi k liye kuch kar nae skte to just zip ur blody ass .

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